ओवरियन सिस्ट क्या है
ओवरी में सिस्ट होना महिलाओं में एक आम समस्या है। सभी स्त्रियों को उनके जीवनकाल में कभी न कभी यह समस्या जरूर आती है। ओवरी के भीतर थैलीनुमा रचनाएँ होती हैं जिनमें द्रव भरा होता है। मासिक धर्म के दौरान प्रतिमाह इस थैली के आकार की एक संरचना उभर कर आती है, जो फॉलिकल के नाम से जानी जाती है।
इन फॉलिकल्स से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन निकलते हैं, जो ओवरी से मैच्योर अण्डे की निकासी में सहायक होते हैं। कुछ मामलों में देखा गया है कि मासिक धर्म की निश्चित अवधि खत्म हो जाने के बाद भी फॉलिकल का आकार बढ़ता जाता है, जिसे ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है।
कई बार सिस्ट होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं;
• पेड़ू (पेल्विक) में दर्द।
• पेट भारी महसूस होना।
• पेट में सूजन
• इंटरकोर्स के दौरान दर्द
• जी मिचलाना और उल्टी
• कमर में दर्द
• ब्रेस्ट में कोमलता
डॉक्टर को कब दिखाएं?
• जब पेट या पेल्विक में दर्द हो।
• बुखार या उल्टी के साथ दर्द हो।
• इन लक्षणों के अलावा सांस तेज होने लगें, चिपचिपी स्किन और कमजोरी महसूस हो तब डॉक्टर से
बिना देरी किए सलाह लें।
प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ,
डॉ. दीपा जायसवाल
से ओवरियन सिस्ट समस्याओं के समाधान के लिए मिले




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