यूटरिन फाइब्रॉयड्स क्या है

यूटरस के अंदर बनने वाली मांसपेशियों के ट्यूमर को यूटेराइन फाइब्रॉयड कहते हैं। सामान्य तौर पर हर महिला के गर्भाशय में कुछ ऐसी गांठें मौजूद हो सकती हैं पर इससे उन्हें कोई तकलीफ नहींहोती और इसके कोई लक्षण भी नजर नहीं आते, जिसके आधार पर इसकी जांच कराई जा सके। ज्यादातर फाइब्रॉयड की समस्या डिलीवरी के समय देखने को मिलते हैं।

कई महिलाएं जिन्हें फाइब्रॉएड नहीं होता है कोई लक्षण हो। करने वालों में, लक्षणों से प्रभावित हो सकते हैंफाइब्रॉएड का स्थान, आकार और संख्या।

गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सा देखभाल लें योनि से रक्तस्राव या तेज पैल्विक दर्द।

कई यूटरिन फाइब्रॉयड होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं;

  • शादी के कुछ सालों के बाद भी कंसीव न कर पाना।
  • मासिक धर्म के दौरान दर्द के साथ ज्यादा ब्लीडिंग होना साथ ही पीरियड्स का अनियमित होना।
  • अगर फाइब्रॉयड यूट्रस के अगले हिस्से में है तो और अगर ज्यादा बड़ा हो तो यूरिन के ब्लैडर पर दबाव पड़ना और बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है।
  • जब किसी मरीज को यह बीमारी होती है तो उसे पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग होती है, जिसके कारण मरीज में एनीमिया के लक्षण भी देखने को मिलते हैं।

अगर आपके परिवार में इस बीमारी की केस हिस्ट्री रही हो तो हर 6 महीने के अंदर एक बार पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवाना जरूरी होता है।

प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ
डॉ. स्मिता जायसवाल
से यूटरिन फाइब्रॉयड्स समस्याओं के समाधान के लिए मिले.