ओवरी में सिस्ट होना महिलाओं में एक आम समस्या है।
सभी स्त्रियों को उनके जीवनकाल में कभी न कभी यह समस्या जरूर आती है। ओवरी के भीतर थैलीनुमा रचनाएँ होती हैं जिनमें द्रव भरा होता है।
मासिक धर्म के दौरान प्रतिमाह इस थैली के आकार की एकसंरचना उभर कर आती है, जो फॉलिकल के नाम से जानी जाती है।

इन फॉलिकल्स से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन निकलते हैं, जो ओवरी से मैच्योर अण्डे की निकासीमें सहायक होते हैं। कुछ मामलों में
देखा गया है कि मासिक धर्म की निश्चित अवधि खत्म हो जाने के बाद भी फॉलिकल का आकार बढ़ता जाता है, जिसे ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है।

प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ
डॉ. स्मिता जायसवाल
से ओवरियन सिस्ट समस्याओं के समाधान के लिए मिले