ट्विन्स प्रेग्नेंसी (जुड़वां बच्चों) क्या है ?
ट्विन्स प्रेग्नेंसी एक ऐसी स्थिति है जब गर्भवती महिला के गर्भ में दो शिशु का विकास हो रहा होता है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार जब गर्भ में दो एग एक समय पर फर्टिलाइज हो जाते हैं या फर्टिलाइज्ड एग दो सेपरेट एम्ब्र्यो में बट जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में जुड़वां बच्चों का जन्म होता है।
जुड़वां बच्चों की डिलिवरी का सही समय क्या है?
नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ट्विन्स बेबी की डिलिवरी डेट 34 से 37वें हफ्ते की होती है, जो एक ही गर्भनाल से जुड़े होते हैं। वहीं 37 से 39वें हफ्ते का समय उन जुड़वा बच्चों के लिए बताया गया है, जो अलग-अलग गर्भनाल से जुड़े हुए होते हैं।
बच्चों के जन्म से पहले कौन-कौन सी टेस्ट की जा सकती हैं?
जुड़वां बच्चों के जन्म से पहले डॉक्टर वो सभी टेस्ट करते हैं जो सिंगल बेबी डिलिवरी के दौरान की जाती है।
• नॉनस्ट्रेस टेस्ट – ट्विन प्रेग्नेंसी टाइमटेबल को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर गर्भवती महिला का नॉनस्ट्रेस टेस्ट करते हैं।
• लेट-स्टेज एम्निओसेंटेसिस टेस्ट – गर्भावस्था के 24 हफ्ते के बाद लेट-स्टेज एम्निओसेंटेसिस टेस्ट की जाती है।
टेस्ट रिपोर्ट्स को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर जुड़वां बच्चों के डिलिवरी डेट डिसाइड करते हैं। गायनोकोलॉजिस्ट स्थिति को समझते हुए निर्णय लेते हैं कि उनका जन्म समय से पहले करवाना चाहिए या बाद।
प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ,
डॉ. दीपा जायसवाल
से ट्विन्स प्रेग्नेंसी (जुड़वां बच्चों) के समाधान के लिए मिले




Recent Comments