एबसेस सर्जरी क्या है
एबसेस यानी की फोड़ा एक तरह का बाहरी उभार वाला घाव होता है जिसमें ऊतकों के द्वारा एक दीवार बन जाती है, जिसमें पस भर जाता है। ऐसा तब होता है जब हमारे शरीर में किसी भी तरह का संक्रमण होने लगता है, तब उस इंफेक्शन से बचाव के लिए शरीर पर फोड़ा निकलता है, ये गांठ के रूप में होता है और दर्द करता है। फोड़े के ज्यादा बढ़ने पर इतना दर्द होता है कि फोड़े की सर्जरी करनी पड़ सकती है।
एबसेस सर्जरी की जरूरत कब होती है?
कुछ लोग फोड़े को नजरअंदाज कर देते हैं। यह समस्या गंभीर रूप तब लेती है, जब फोड़ा और बढ़ने लगता है और तकलीफ देने लगता है। फिर समस्या इतनी बढ़ जाती है कि एबसेस सर्जरी करने की नौबत तक आ सकती है। आमतौर पर फोड़े की सर्जरी की जरूरत तब पड़ती है जब वह बढ़ता चला जाता है।
एबसेस सर्जरी के बाद मुझे खुद का ख्याल कैसे रखना चाहिए?
एबसेस सर्जरी कराने के बाद आपको अपना खास ख्याल तब तक रखना होता है, जब तक कि घाव भर न जाए।
- इस सर्जरी को कराने के बाद आप डॉक्टर के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन ध्यान से करें।
- डॉक्टर के यहां पर हर तीसरे दिन जा कर के ड्रेसिंग बदलवाते रहें।
- सर्जरी के बाद घाव के ठीक हो जाने पर आप ड्रेसिंग को डॉक्टर के निर्देशन पर खुद से ही निकाल सकते हैं।
- इस सर्जरी के बाद घाव को भीगने से बचाएं।
- अगर आपको सर्जरी के बाद बुखार, लालपन, सूजन या ज्यादा दर्द महसूस हो तो अपने डॉक्टर से तुरंत मिलें।
फोड़ा शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। कभी-कभी ये गंदगी के कारण पैदा होते हैं और ध्यान न देने के कारण ये बढ़ जाते हैं। कई बार समस्या बढ़ जाने पर फोड़े की सर्जरी करनी पड़ती है।




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